Pinky Promise AI क्लिनिक: 4 लाख महिलाओं को मिला गाइनेक इलाज

Pinky Promise एक AI-आधारित महिला हेल्थ प्लेटफॉर्म है, जिसने भारत में 4 लाख से अधिक महिलाओं को निजी, सुरक्षित और बिना जजमेंट गाइनेक सलाह उपलब्ध कराई. ₹99 कंसल्टेशन से महिलाओं के लिए हेल्थकेयर हुआ आसान.

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रिसिका जोशी
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Pinky Promise AI प्लेटफॉर्म से ऑनलाइन गाइनेक सलाह लेती महिला

AI आधारित Pinky Promise प्लेटफॉर्म से महिलाओं को मिल रही निजी हेल्थ सलाह Photograph: (credits - BetterIndia)

आज जब टेक्नोलॉजी मिनटों में सेवाएं उपलब्ध करा रही है, तब भी महिलाओं की हेल्थकेयर कई बार असहज, महंगी और पहुंच से दूर महसूस होती है. खासकर पीरियड्स, PCOS, प्रेग्नेंसी या यौन स्वास्थ्य जैसे विषयों पर खुलकर बात करने में झिझक एक बड़ी बाधा बन जाती है. इसी समस्या का समाधान देने के लिए एक AI-आधारित डिजिटल प्लेटफॉर्म सामने आया है, जिसने भारत में लाखों महिलाओं को निजी और सुरक्षित मेडिकल सलाह उपलब्ध कराई है.

Pinky Promise क्या है?

Pinky Promise एक AI-आधारित महिला हेल्थ प्लेटफॉर्म है, जो महिलाओं को ऑनलाइन गाइनेकोलॉजिस्ट से निजी और गोपनीय सलाह लेने की सुविधा देता है. 2022 में शुरू हुए इस प्लेटफॉर्म से भारत में 4 लाख से अधिक महिलाएं जुड़ चुकी हैं और यह किफायती डिजिटल हेल्थकेयर उपलब्ध करा रहा है.

अनुभव से शुरू हुई एक बड़ी पहल

इस प्लेटफॉर्म की शुरुआत दिव्या कामेरकर ने की, जिन्होंने अपनी PCOS से जुड़ी हेल्थ यात्रा के दौरान महिलाओं को मिलने वाली चुनौतियों को करीब से महसूस किया. उनका उद्देश्य था ऐसा सिस्टम बनाना, जहां महिलाएं बिना डर और जजमेंट के डॉक्टर से बात कर सकें. टेक्नोलॉजी विशेषज्ञ आकांक्षा व्यास के साथ मिलकर उन्होंने हेल्थकेयर और तकनीक का ऐसा संयोजन तैयार किया, जो महिलाओं की जरूरतों के अनुसार काम करता है.

AI हेल्थ प्लेटफॉर्म कैसे काम करता है?

यह प्लेटफॉर्म चैट-आधारित कंसल्टेशन मॉडल पर काम करता है, जहां महिलाएं रजिस्टर्ड गाइनेकोलॉजिस्ट को मैसेज करके अपनी समस्या बता सकती हैं. AI सिस्टम डॉक्टरों को जानकारी व्यवस्थित करने में मदद करता है, लेकिन अंतिम मेडिकल निर्णय डॉक्टर ही लेते हैं. जरूरत पड़ने पर ऑफलाइन विजिट की सलाह भी दी जाती है.

क्लिनिक नहीं, चैट से शुरू होता इलाज

पारंपरिक टेलीमेडिसिन प्लेटफॉर्म से अलग, यहां इलाज की शुरुआत चैट से होती है. यह तरीका महिलाओं को ज्यादा ईमानदारी से अपनी समस्या बताने में मदद करता है, खासकर गर्भनिरोध, पीरियड अनियमितता या यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील मामलों में. प्लेटफॉर्म मेडिकल गाइडलाइंस का पालन करता है और केवल प्रमाणित डॉक्टर ही परामर्श देते हैं.

महिलाओं की जरूरतों के अनुसार बनी तकनीक

यह प्लेटफॉर्म आधुनिक तकनीक का उपयोग करके आसान चैट अनुभव प्रदान करता है. AI डॉक्टरों को लक्षण समझने, प्राथमिकता तय करने और जवाब तैयार करने में सहायता करता है. हालांकि मेडिकल निर्णय पूरी तरह मानव डॉक्टरों के हाथ में रहता है. डेटा सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यूजर जानकारी एन्क्रिप्ट की जाती है और जरूरत पड़ने पर डिलीट भी की जा सकती है.

बढ़ती पहुंच और असर

आज इस प्लेटफॉर्म के 4 लाख से ज्यादा यूजर्स हैं, जिनमें दूरदराज के क्षेत्रों की महिलाएं भी शामिल हैं. ₹99 से शुरू होने वाली कंसल्टेशन फीस हेल्थकेयर को अधिक सुलभ बनाती है. लगभग 30% यूजर्स PCOS या एंडोमेट्रियोसिस जैसी लंबी अवधि की समस्याओं के लिए डिजिटल केयर प्रोग्राम का उपयोग कर रही हैं. कई महिलाओं के लिए यह उनका पहला भरोसेमंद गाइनेकोलॉजिकल अनुभव साबित हुआ है.

क्या डिजिटल हेल्थ भविष्य है?

यह पहल दिखाती है कि जब तकनीक में भरोसा, गोपनीयता और सहानुभूति को प्राथमिकता दी जाती है, तो हेल्थकेयर अधिक सुलभ और प्रभावी बन सकता है. महिलाओं की सेहत पर खुलकर बातचीत ही सामाजिक बदलाव की शुरुआत है, और डिजिटल प्लेटफॉर्म इस बदलाव को तेज करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

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